श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर पंडित अच्युतानंद पाण्डेय का दिव्य प्रवचन, भक्तिमय हुआ माहौल
बड़हलगंज गोरखपुर /ग्राम मंझरिया मे अनिल दूबे के वहा श्रीमद्भागवत कथा मे भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा वाचक पंडित अच्युतानंद पाण्डेय (संगम पाण्डेय )ने श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य गाथा सुनाते हुए कहा, “भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।”
कथा के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। पंडित अच्युतानंद जी ने बाल कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि जब भक्त ईश्वर की शरण में जाता है, तो उसके जीवन की सभी बाधाएँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं।कथा के बीच बीच मे पंडित पवन पाण्डेय व पंडित सौरभ शुक्ला के द्वारा गाये हुए सुन्दर भजनो का भी लोगो ने रसपान किया ज़ब भजन होता था तो सभी श्रोता भजन मे लीन हो जाते थे भजन मे प्रभु की लीलाओ का सुन्दर वर्णन किया गया
कथा के समापन पर आरती एवं महाप्रसाद वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर राधेश्याम दूबे, शत्रुघ्न दूबे, शैलेश दूबे, धनंजय दूबे, अजय दूबे,अनिल दूबे,राजीव दूबे, संजीव दूबे, कृष्ण कुमार दूबे, सूरज दूबे,सुमित दूबे,जय प्रकाश यादव, सियाराम यादव,राम सिंहासन यादव, सुभाष यादव, अनूप यादव, दीवाकर यादव,दयाशंकर यादव,तनय दूबे, अनय दूबे,रिवांश दूबे सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर पंडित अच्युतानंद पाण्डेय का दिव्य प्रवचन, भक्तिमय हुआ माहौल
बड़हलगंज गोरखपुर /ग्राम मंझरिया मे अनिल दूबे के वहा श्रीमद्भागवत कथा मे भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा वाचक पंडित अच्युतानंद पाण्डेय (संगम पाण्डेय )ने श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य गाथा सुनाते हुए कहा, “भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।”
कथा के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। पंडित अच्युतानंद जी ने बाल कृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि जब भक्त ईश्वर की शरण में जाता है, तो उसके जीवन की सभी बाधाएँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं।कथा के बीच बीच मे पंडित पवन पाण्डेय व पंडित सौरभ शुक्ला के द्वारा गाये हुए सुन्दर भजनो का भी लोगो ने रसपान किया ज़ब भजन होता था तो सभी श्रोता भजन मे लीन हो जाते थे भजन मे प्रभु की लीलाओ का सुन्दर वर्णन किया गया
कथा के समापन पर आरती एवं महाप्रसाद वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर राधेश्याम दूबे, शत्रुघ्न दूबे, शैलेश दूबे, धनंजय दूबे, अजय दूबे,अनिल दूबे,राजीव दूबे, संजीव दूबे, कृष्ण कुमार दूबे, सूरज दूबे,सुमित दूबे,जय प्रकाश यादव, सियाराम यादव,राम सिंहासन यादव, सुभाष यादव, अनूप यादव, दीवाकर यादव,दयाशंकर यादव,तनय दूबे, अनय दूबे,रिवांश दूबे सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।