आज़ादी के महानायक तिलक और आज़ाद की जयंती मनाई गई
बड़हलगंज।
स्वदेशी आन्दोलन के प्रबल समर्थक एवं राष्ट्रवाद के अग्रदूत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 169वीं और क्रांतिकारी राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ भारत की सम्पूर्ण स्वतंत्रता के पक्षधर चंद्रशेखर आज़ाद की 119वीं जयंती के अवसर पर बड़हलगंज में समारोह आयोजित कर पुष्पांजलि अर्पित किया गया।
बुधवार को नगर पंचायत बड़हलगंज के विश्वनाथ उमर सभागार में जुटे नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज़ादी के महानायकों लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पूरे उत्साह से मनाया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने कहा कि तिलक और आज़ाद दोनों ही भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण नेता थे, लेकिन उनकी विचारधाराओं में कुछ अंतर थे। तिलक ‘स्वराज’ (स्वशासन) के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया, जो भारतीय राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण था। वहीं चंद्रशेखर आज़ाद क्रांतिकारी गतिविधियों में विश्वास रखते थे और ‘आजादी’ के लिए सशस्त्र संघर्ष के पक्षधर थे।
कार्यक्रम का संचालन जनसेवा संस्था के महामंत्री सन्तोष जायसवाल ने किया। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी रामसमुख, सभासद गण सुनील यादव, राकेश राय, वीरेंद्र उर्फ वीरु गुप्ता, सुदीप वर्मा, दीपक शर्मा, दीपक गौड़, सूरज सोनकर, नियाज़ कुरैशी, रवि साहनी, सभासद प्रतिनिधि ऋषि चंद, नगरपंचायत कर्मी नेयाज अहमद, आजाद अहमद, पारस सोनकर, महेश पटेल, रविन्द्र कुमार, पप्पू यादव, मनोज कुमार, सुनील निगम, विजय राजभर, विपुल साहनी सहित बृजेश उमर, सुरेश उमर, अमलेश भारती, अरविन्द सिंह, अमरनाथ उमर, विकास गौड़, हिमांशु गौड़, उमेश यादव आदि मौजूद थे