फिल्म ‘राजा और रंक’ का एक मशहूर संवाद है, “जब रानियां सोती हैं तो दासियों के भाग जागते हैं।” ऐसा ही कुछ मोहन लाल के ड्राइवर एंटनी पेरुंबवूर के साथ हुआ। बरसों पहले आकस्मिक जरूरत पड़ने पर एंटनी ने मोहनलाल को शूटिंग पर पहुंचाया था और इसके बाद से एंटनी दोबार उन्हें किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग पर नजर आए। मोहन लाल ने एंटनी को अपने पास बुलाया और अपनी अगली फिल्म का निर्माता बना दिया। मोहन लाल की फिल्म निर्माण कंपनी आशीर्वाद सिनेमाज ने बीते 25 साल में 20 फिल्में बनाई हैं और सब की सब, मोहन लाल के साथ और इस कंपनी का मालिक मुख्तार पता है कौन है? वही, मोहन लाल का बरसों पुराना ड्राइवर एंटनी पेरुंबवूर। एंटनी पेरुंबवूर पर मोहन लाल का अटूट भरोसा रहा है और एंटनी ने भी आशीर्वाद सिनेमाज को जिस तरह बीते 25 साल में संभाला है, उसकी तारीफ मलयालम सिनेमा से जुड़े हर शख्स ने की।